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भूगोल

जनपद नैनीताल उत्तराखंड राज्य के कुमायूं मण्डल  में स्थित है। इसके उत्तर में अल्मोड़ा जिला और  दक्षिण में ऊधम सिंह नगर जिला हैं। चंपावत जिले पूर्व की सीमा में है और पौड़ी गढवाल का जिला पश्चिम में है। यह लगभग 78º51′ 11.34″  और  79º58’ 23.06″ पूर्वी देशांतर और  28º58’ 31.84″ और 29º36’ 45.19″ उत्तर अक्षांश के बीच स्थित है। इसके उत्तर की तरफ हिमालय पर्वतमालाएं हैं, जबकि दक्षिणी ओर मैदानी भाग है, जो कि जिले के वातावरण को सुखद बनाते हैं।

नैनीताल जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 4251 वर्ग किलोमीटर है । भौगोलिक रूप से यह जिला को दो क्षेत्रों, पर्वतीय  क्षेत्र एवं भाबर (मैदानी) क्षेत्र में बंटा है । जिले का सबसे ऊंचा शिखर बुद्धस्थली (2623 मीटर), नैनीताल शहर से लगे हुए विनायक क्षेत्र पर है। जिले के पर्वतीय क्षेत्र में कई बडी और छोटी झीलें हैं । भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल, खुर्पाताल, नैनीताल,हरीशताल एवं लोखमताल आदि बड़े आकार के झील हैं ।

जिले के पर्वतीय क्षेत्रों से लगा हुआ मैदानी भाग भाबर के नाम से जाना जाता है  । इस ‘भाबर’ नाम की  उत्त्पति यहां पर उगने वाली लम्बी घास से हुई है । यहांं पर जमीन के नीचे पानी बहुत अधिक गहराई पर पाया जाता है  ।

कोसी जिले की मुख्य नदी है। कोसी नदी  कौसानी के पास कोशीमूल के उत्पन्न होकर जनपद अल्मोडा से होते हुए नैनीताल जिले के पश्चिमी तट पर बहती है । जनपद की अन्य नदियोंं में गौला, भाखड़ा, दाबका, बौर  इत्यादि  हैं। इनमें से अधिकतर नदियों का उपयोग पीने के पानी एवं सिंचाई के कार्य हेतु होता है ।