कार्बेट टाइगर रिजर्व

कार्बेट में बाघ

कॉर्बेट पार्क भारत का पहला राष्ट्रीय पार्क है, जो सन्1936 ई. में स्थापित हुआ, पहले इसका नाम हैली नेशनल पार्क था। 1957 में महान प्रकृतिवादी, प्रख्यात संरक्षणवादी स्वर्गीय जिम कॉर्बेट की याद में पार्क को कॉर्बेट नेशनल पार्क के रूप में परिवर्तित किया गया। इसकी दूरी  नैनीताल से कालाढूंगी एवं रामनगर होते हुए 118 किलोमीटर है।

कॉर्बेट राष्ट्रीय पार्क 521 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ, यह हिमालय की तलहटी में स्थित है । यह पार्क दो जिलों में फैला हुआ है, पार्क का एक प्रमुख हिस्सा 312.86 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल पौड़ी गढ़वाल जिले में और शेष 208.14 वर्ग किलोमीटर नैनीताल जिले में आता है। प्रशासनिक दृष्टि से पार्क कालागढ़ और रामनगर वन प्रभागों के अंतर्गत आता है ।

 

कार्बेट पार्क की प्रमुख शहरों से दूरी निम्न प्रकार है  :-

शहर दूरी
दिल्ली दिल्ली-मुरादाबाद-काशीपुर-रामनगर (240 किमी)
लखनऊ लखनऊ से बरेली,

बरेली-किच्छा-हल्द्वानी-रामनगर (160 किमी),

बरेली-किच्छा-रुद्रपुर-काशीपुर-रामनगर (145 किमी)

नैनीताल वाया कालाढूंगी एवं रामनगर (62 किमी)
देहरादून रामनगर (250 किमी)
कार्बेट का घर
कार्बेट फाल

कार्बेट नेशनल पार्क का निकटतम रेल स्टेशन रामनगर है, जो दिल्ली-मुरादाबाद-रामनगर ब्रॉड गेज शाखा पूर्वोत्तर रेलवे का टर्मिनस है। रामनगर सड़क मार्ग से दिल्ली, लखनऊ, देहरादून एवं अन्य स्थानों से जुड़ा हुआ है। काशीपुर-मुरादाबाद-गाजियाबाद के माध्यम से दिल्ली 240 किलोमीटर है, जबकि काशीपुर-रामपुर और बरेली के माध्यम से लखनऊ 432 किलोमीटर है। नैनीताल और रामनगर कालाढूंगी के माध्यम से 118 किलोमीटर है। रामनगर से निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर लगभग 80 किलोमीटर दूर है।

कार्बेट पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार रामनगर-रानीखेत सड़क पर धनगढ़ी है जोकि रामनगर से 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। धनगढ़ी में मृत पशुओं का एक संग्रहालय हैं, जो देखने योग्य है। पार्क की दक्षिण-पश्चिमी सीमा कालागढ़ से मिली हुई है, जहॉ मुरादाबाद से भी पहुंचा जा सकता है। पार्क का मुख्य पर्यटन स्थल ढिकाला है, यह धनगढी से वन मार्ग द्वारा 35 किलोमीटर की दूरी पर है। पार्क जाने का एक और प्रवेश द्वार रामनगर से  छह किलोमीटर की दूरी पर आमडण्डा का फूलताल क्षेत्र में है ।

 

पार्क में मौजूदा वन मार्गों और उनकी स्थिति निम्नानुसार है : –

क्र. संख्या मार्ग का नाम किलोमीटर में दूरी सड़कों की परिस्थिति
1 धनगढ़ी-ढिकाला 35 सभी प्रकार के वाहनों के लिए उचित मौसम में फिट
2 बिजरानी-ढिकाला 48 उचित मौसम में जीपों के लिए फिट
3 रामनगर-कालागढ़ 45 -वही-
4 ढिकाला-कांडा 16 -वही-
5 ढिकाला-कालागढ़ (वाया बॉक्सर ) 25 -वही-
6 गैराल-धुलवा 3 -वही-
7 फुलाई-रिंगोरी 4 -वही-
8 झिरनाजली-गैराल 3 -वही-
  1. स्थापना वर्ष कॉर्बेट नेशनल पार्क      : 1936
  2. क्षेत्रफल वर्ग किलोमीटर                  : 1288.32
    1. कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान                  : 520.8
    2. सोनानदी वन्यजीव अभयारण्य   : 301.18
    3. रिजर्व फ़ॉरेस्ट                            : 466.32
  3. रिजर्व में बहने वाली मुख्य नदियां :  रामगंगा, सोनानदी, मंडल, पलायन
  4. जंगली जानवर                :
    1. स्तनधारी: जंगली हाथी, टाइगर, तेंदुए, जंगली बिल्ली, समबर, चीतल, हॉग हिरण, बार्किंग हिरण, घुरड, नीलगाय, जंगली सुअर, नेवला इत्यादि।
    2. पक्षी: निवासी और प्रवासी पक्षियों की 580 से अधिक प्रजातियां
    3. सरीसृप: घाडियाल, मगरमच्छ, अजगर, किंग कोबरा, कछुआ, साल वन कछुआ, मॉनिटर छिपकली.
    4. मछलियों का वर्ग : महाशीर, गूंछ, ट्राउट
  5. भ्रमण हेतु अनुकूल समय :
    1. ढिकाला जोन: 15 नवंबर से 15 जून तक
    2. बिजरानी क्षेत्र: 15 अक्टूबर से 30 जून तक
    3. सोनानदी जोन: 15 अक्टूबर से 30 जून तक
    4. डोमुण्डा जोन: 15 अक्टूबर से 30 जून तक
    5. झिरना जोन: सम्पूर्ण वर्ष
  6. आसपास के स्थान :
    1. जिम कॉर्बेट संग्रहालय और कालाढूंगी विरासत ट्रेल, कॉर्बेट फॉल्स, सीताबनी, गर्जिया देवी, सेंटर फॉर इको पर्यटन, कालागढ़ बांध।
  • टाइगर रिजर्व के अंतर्गत सभी आरक्षण अन्तिम हैं तथा बिना किसी पूर्व सूचना के बदला या रद्द किया जा सकता है। निदेशक सीटीआर का निर्णय इस मामले में अंतिम होगा।
  • टाइगर रिजर्व के भीतर किसी भी प्रकार के आग्नेयास्त्रों की अनुमति नहीं है।
  • टाइगर रिजर्व के अंदर कोई भी पालतू जानवर नहीं ले जाया जा सकता है ।
  • टाइगर रिजर्व में चलना या ट्रेकिंग सख्त वर्जित है ।
  • सूर्यास्त के बाद टाइगर रिजर्व के अंदर ड्राइविंग निषिद्ध है।
  • नेशनल पार्क के अंतर्गत ढिकाला और बिजलानी पर्यटक परिसरों में भोजन बनाने की अनुमति नहीं है। अन्य विश्राम घरों में आगंतुकों को उपलब्ध स्थान के भीतर खाना बना सकते हैं।
  • आगंतुकों को टाइगर रिजर्व में प्रवेश करते हुए एक लिटर बैग ले जाना होगा और रिजर्व के बाहर अपना गैर-बायोडिग्रेडेबल कूडा (टिन के डिब्बे, प्लास्टिक, कांच की बोतलें, धातु के फॉइल आदि) को वापस लाना आवश्यक है। कचरा डिब्बों के अलावा टाइगर रिजर्व के अंदर कूड़े को फेंकने पर गंभीर दण्डों को प्रावधान हैं ।
  • सभी प्रकार के भ्रमणों पर आधिकारिक पंजीकृत गाइड होना अनिवार्य है ।
  • कार्बेट पार्क के आवासीय परिसरों / विश्राम गृहों बाहर किसी प्रकार की आग एवं धूम्रपान सख्त वर्जित है।
  • टाइगर रिजर्व के भीतर ट्रांजिस्टर और टेप रिकार्डर चलाना सख्त वर्जित है।
  • आगंतुकों को निर्दिष्ट मार्गों से वाहन ले जाने से मना किया जाता है, जिससे पौधे या पशु जीवन या उनके निवास स्थान को नुकसान न पहुंचाया जा सके।
  • टाइगर रिजर्व के भीतर हॉर्न बजाना और गति सीमा से ऊपर ड्राइविंग कड़ाई से निषिद्ध है।
  • आगंतुकों द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश निषिद्ध है।
  • जानवरों को चिल्लाने, चिढ़ाने या पीछा करने या उन्हें खिलाने के प्रयास निषिद्ध हैं और गंभीर दण्डों को आमंत्रित करेगा।
  • आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे आवास को पहले दिन ही चेक इन कर लें या आवास को रखने के लिए पूर्व सूचना भेजें। अन्यथा, आरक्षण को रद्द माना जाएगा।
  • पर्यटन क्षेत्र में प्रति कमरा अधिकतम दो वयस्क और दो बच्चों (12 वर्ष से कम) को ही रहने की अनुमति है। निर्धारित शुल्क के भुगतान पर एक अतिरिक्त बिस्तर प्रदान किया जा सकता है।
  • टाइगर रिजर्व के भीतर अपने निवास स्थान छोड़ने से पहले आगंतुकों को अनिवार्य रूप से एक क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करना आवश्यक है।
  • आगंतुकों को उन रंगों के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है जो प्राकृतिक परिवेश (खाकी, जैतून का हरा, अन्य सुस्त रंग) से मिलते हैं।
  • आगंतुक से अनुरोध है कि वे अपने कमरों की लाईट, पंखे एवं पानी के नल को उपयोग न होने की दशा में बंद रखें एवं अपने वाहनों को उचित पार्किंग स्थल पर खडा करें ।
  • आगंतुकों को रिसेप्शन पर प्रवेश परमिट प्राप्त करना होगा। प्रवेश समय इस तरह निर्धारित किया जाता है कि आगंतुक निर्धारित समय से पहले उनके ठहरने की स्थान तक पहुंच सकें। निर्धारित समय इस प्रकार हैं :-
दिनांक सी. टी. आर. भ्रमण का समय अंतिम प्रवेश
धनगडी खरा गेट अमनडण्डा गेट दुर्गादेवी गेट
15 नवम्बर से 15 फरवरी प्रातः 6.30 से सायं 5.30 बजे तक सायं 4.00 बजे सायं 5.00 बजे सायं 4.30 बजे
16 फरवरी से 31 मार्च प्रातः 6.00 से सायं 6.00 बजे तक सायं 4.30 बजे सायं 5.30 बजे सायं 5.00 बजे
1 अप्रैल से 15 मई प्रातः 5.45 से सायं 7.00 बजे तक सायं 5.30 बजे. सायं 6.30 बजे सायं 6.00 बजे
16 मई से 15 जून प्रातः 5.30 से सायं 7.15 बजे तक सायं 5.45 बजे सायं 6.45 बजे सायं 6.15 बजे

सूर्यास्त के बाद राष्ट्रीय उद्यान के भीतर प्रवेश सख्त वर्जित है।

  • ढिकला पर्यटन क्षेत्र में ‘दिवस भ्रमण’ के टूर केवल कॉर्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा आयोजित किए जायेंगे ।
  • बिजारानी पर्यटन क्षेत्र में निजी बसों का प्रवेश निषिद्ध है ।
  • अधिकतम तीन दिनों के लिए परमिट जारी किया जाएगा ।
  • आगंतुक के अपने जोखिम पर पास द्वारा अथवा बिना पास के टाइगर रिजर्व में प्रवेश करें । सी टी आर के अधिकारी किसी भी तरह के नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे ।
  • परमिट अहस्तांतरणीय है । एक बार परमिट जारी किए जाने पर राशि वापस नहीं हो सकती है ।
  • सीटीआर के अंदर गैर वनस्पति खाद्य पदार्थ निषिद्ध है ।
  • अभयारण्य या पार्क के वन्य जीव प्रतिपालक को परमिट रद्द करने का अधिकार होगा ।

टाइगर रिजर्व में आने वाले सभी आगंतुक वन्य जीव संरक्षण अधिनियम और नियमों के अधीन होंगे ।

निदेशक, कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान

हिरन
हाथी

कार्बेट पार्क विशाल घास के मैदानों में फैला हुआ है, जो कि पहाडियों से घिरा हुआ है तथा इस पहाडों से छोटी छोटी नदियां निकल कर मैदानों की ओर बहती हैं । कॉर्बेट नेशनल पार्क में पहाड़ी, नदी के बेल्ट, दलदलीय गड्ढे, घास के मैदान और एक बड़ी झील शामिल है। यहाँ शीतकालीन रातें ठंडी होती हैं लेकिन दिन धूपदार और गरम होते हैं। यहाँ जुलाई से सितंबर तक बारिश होती है। घने नम पर्णपाती वन में मुख्य रूप से साल, हल्दु, पीपल, रोहिनी और आम के पेडों से आच्छदित रहते हैं । यहॉ के वन विभिन्न प्रकार के वनस्पति को जन्म देते हैं तथा इसके फलस्वरूप यहॉ पर  वन्य जीवन की विभिन्न प्रजातियों निवास करती हैं। रामगंगा नदी पार्क के मध्य में बहती है तथा अपने घुमावदार रास्तों में कुछ गहरे पोखर के साथ तथा पार्क का मुख्य जल स्रोत भी हैं।जंगल पार्क का लगभग 73% हिस्सा घेरते हैं, इस क्षेत्र में 10% घास के मैदान हैं ।

नदी के किनारे बडी हाथी घास पायी जाती है साथ ही इसका नमी से भरा वातावरण बागों का आदर्श निवास स्थान होता है । बाघ के प्राकृतिक भोजन में सांभर, चित्तल, ककाड, हॉग हिरण और जंगली सूअर काफी सारे टाइगर रिजर्व में पाए जाते हैं जबकि भालू मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्र तक सीमित हैं। पार्क में कई हाथी रहते हैं, लेकिन वे भोजन की तलाश में आस-पास के जंगलों में जाते रहे हैं। यहॉ की नदियों में विभिन्न प्रकार की मछलियॉ भी पायी जाती हैं ।

गर्जिया मंदिर

रामनगर से 10 कि०मी० की दूरी पर ढिकाला मार्ग पर कोसी नदी के मध्य एक बड़ी चट्टान है, जिसके शिखर पर गर्जिया देवी के नाम पर दुर्गा देवी का एक सुंदर मंदिर है। मंदिर में पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में संकीर्ण सीढ़ियों पर चढ़ना होता है। कोसी नदी का एक अद्भुत दृश्य चट्टान के ऊपर से देखा जा सकता है। कोर्बेट पार्क में स्नान, आनंद उठाने, पूजा करने और दोपहर के भोजन के लिए यह एक अच्छी जगह है।

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें :-

फील्ड निदेशक,
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व,
रामनगर (नैनीताल) पिन :- 244715
दूरभाष संख्या :- +91-5947-253977
पार्क रिसेप्शन :- +91-5947-251489
फैक्स :- 91-5947-251012,251376
ईमेल :- etuctr-forest-uk@nic.in
वेबसाइट :- http://corbettonline.uk.gov.in